हाइलाइट्स:

  • बिहार के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभात कुमार का निधन
  • कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रभात कुमार ने हैदराबाद में ली अंतिम सांस
  • सीएम नीतीश कुमार और पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने जताया शोक

पटना
देश के नामचीन हृदय रोग विशेषज्ञों में शुमार पटना के डॉक्टर प्रभात कुमार का निधन हो गया। डॉ. प्रभात कुमार ने हृदय रोग से पीड़ित हजारों गंभीर रोगियों की जान बचाई होगी। वे देश के चुनिंदा और बिहार के सबसे व्यस्ततम कार्डियोलॉजिस्ट थे।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रभात कुमार का कोरोना से निधन
डॉ. प्रभात कुमार की मंगलवार को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। डॉ. प्रभात एक मई को कोरोना संक्रमित हुए थे और हालत गंभीर होने पर दस मई को उन्हें पटना से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया था। हैदराबाद के इकमो (एक्स्ट्रा कारपोलरी मेम्ब्रेन ऑक्सीजेनेशन सिस्टम) मशीन पर रखा गया था। डॉ. प्रभात कुमार बेहतरीन सर्जन के साथ एक अच्छे क्लीनिशियन भी थे। प्रदेश ही नहीं यूपी, नेपाल और उत्तर पूर्व राज्यों से भी रोगी उनसे इलाज कराने आते थे। कई बार लोगों को एक-एक माह बाद का नंबर मिलता था लेकिन वे इलाज डॉ. प्रभात से ही कराते थे। प्रदेश में पहली बार एंजियोप्लास्टी की शुरुआत उन्होंने ही हार्ट हॉस्पिटल में की थी।

दिल्ली के RML अस्पताल से हुई थी करियर की शुरुआत
फिलहाल डॉ. प्रभात पटना के राजेंद्र नगर स्थित मेडिका हार्ट इंस्टीट्यूट के मेडिकल डायरेक्टर थे। 1997 में पोस्ट ग्रेजुएशन और इसके बाद डीएम कार्डियोलॉजी करने के बाद उन्होंने दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में काम किया था। प्रदेश से बड़ी संख्या में रोगियों के दिल्ली आने और वहां उनको होने वाली परेशानी देखकर वे डॉ. एके ठाकुर के हार्ट हॉस्पिटल में आकर सेवा देने लगे। कुछ ही वर्षों में वे बेहतरीन सर्जन और क्लीनिशियन के रूप में प्रख्यात हो गए।
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डॉ. प्रभात कुमार के निधन पर सीएम नीतीश ने जताया शोक
डॉक्टर प्रभात कुमार के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक व्यक्त किया है। सीएम ने कहा कि डॉ. प्रभात कुमार हृदय रोग के प्राख्यात डॉक्टर थे। वे बिहार में एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने वाले पहले कार्डियोलॉजिस्ट थे। बिहार के लोगों को पहले एंजियोप्लास्टी के लिए एम्स या फोर्टिस जैसे संस्थानों में जाना पड़ता था। लेकिन डॉक्टर प्रभात ने ये सुविधा पटना में ही उपलब्ध कराई। डॉक्टर प्रभात कुमार समाज सेवा के कामों से भी जुड़े थे और गरीबों का मुफ्त इलाज भी करते थे। उनके निधन से चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने भी व्यक्त की शोक-संवेदना
वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी डॉक्टर प्रभात कुमार के निधन पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘बिहार के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रभात कुमार के निधन से आहत हूं। उनके निधन से मेडिकल जगत को बड़ा नुकसान हुआ है। ईश्वर उनके आत्मा को शांति और परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’

बिहार के चिकित्सा जगत में भी शोक की लहर
कार्डियोलॉजिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ग्रुप पर उनके निधन का संदेश मिलने के बाद प्रदेश के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, आईजीआईसी के डॉ. एके झा समेत तमाम डॉक्टरों ने इसे प्रदेश के बड़ा क्षति बताया।



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