गुजरात: रविवार को गुजरात के भरूच में एमआईएम प्रमुख असद उददीन ओवैसी ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें असद उददीन ओवैसी ने कहा कि आप लोगों ने आज वर्षों से भाजपा और कांग्रेस इन दोनों पार्टियों को क़ुबूल किए और आप लोगों ने उनको अपना वोट और सत्ता दी। आज मजलिस गुजरात की आवाम के सामने एक विकल्प के तौर पर, पॉलिटिकल प्लेटफार्म के तौर पर आपके दरमियान आयी है। इसीलिए मै गुजरात के आदिवासी भाइयों और बहनों से, मुसलमान भाइयों और बहनों से, दलित भाइयों और बहनों से, ओबीसी भाइयों और बहनों से अपील कर रहा हू कि इस विकल्प की सरपरस्ती के लिए ये जो पौधा गुजरात में लगा रहे है ये सिर्फ चुनाव के नीयत से नहीं । हमारा मकसद चुनाव में कामयाबी हासिल करना नहीं है बल्कि हमारा मकसद ये है कि गरीब आवाम को इंसाफ मिल सके। यहां के आदिवासियों को उनकी ज़मीन उनसे न छीनी जा सके। किसी दलित और मुस्लिम पर कोई भी हुकूमत उन पर नाज़ायज़ जुल्म न कर सके। हमारी पूरी लड़ाई का मकसद ये है कि बाबा साहब अम्बेडकर का बनाया हुआ जो संविधान है जिस संविधान ने हम सभी लोगों को हुकूक और अधिकार दिये है उन अधिकारों को हासिल किया जा सके। असद उददीन ओवैसी ने कहा कि मैं आपको यह बताने आया हूँ कि याद रखिये हमारे मुल्क भारत की जम्हूरियत की तल्ख हकीकत ये है कि अगर आप चाहते है कि आपको इंसाफ मिले अगर कोई आदिवासी चाहता है कि शेडूलकास्ट का इम्प्लीमेंट हो  अगर कोई मुसलमान चाहता है कि मुझे किसी झूटे मुकदमों में जेल की सलाखों में डालकर मेरी जिंदगी बर्बाद न किया जाये, अगर कोई दलित चाहता है कि मुझे नक्सलाइड कहकर जेल में न डाला जाये बल्कि बाबा साहब अम्बेडकर के द्वारा बनाये गए संविधान के तहद इंसाफ मिले तो याद रखो नारे लगाने, आँसू बहाने, घुटन की जिंदगी गुजारने से या फिर घर के दरवाजे बंद करने से कोई आसमान या फिर जमीन से निकालकर तुमको तुम्हारा हक नहीं दिलाएगा। भारत का संविधान यह कहता है कि अगर तुम हिम्मत वाले हो और तुम्हारा धड़कता हुआ दिल है और तुम सिवाय भगवान के किसी और से नहीं डरते हो तो जम्हूरियत वालों सिर्फ वोट डालने वाले मत बनो बल्कि वोट हासिल भी करना अपना मकसद बनाओं। जिस दिन आप अपना वोट हासिल करोगे जब ये तमाम वंचित समाज के लोग अपना वोट हासिल करेंगे तब जाकर बाबा साहब अम्बेडकर के मकसद को पूरा कर सकेंगे। वहीं असद उददीन ओवैसी ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर ने जिन चार बातों का संविधान में जिक्र किया था जिसमें बाबा साहब अम्बेडकर ने कहा था कि मैं तो संविधान बना चुका हू। अगर आप लोग अपने ख्वाबों को पूरा करना चाहते है तो मैंने तुमको वोट डालने के साथ ही साथ वोट हासिल करने का हक दे रहा हू।असद उददीन ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान बनाने वाले ने हमसे क्या कहा कि अगर तुम लेबर्टी हांसिल करना चाहते हो, आज़ादी हांसिल करना चाहते हो अगर तुम बराबरी का दर्जा हांसिल करना चाहते हो अगर न्याय हांसिल करना चाहते हो तो आप लोगों को अपने मुकद्दर का फैसला खुद करना होगा। तुम लोग अपने मुकद्दर का फैसला उस वक्त करोगे जब तुम सब एक शियासी ताकत बनोगे। शियासी ताकत उस वक्त बनोगे जब तुम अपने वोट से अपने नुमाइंदो को कामयाब करोगे और कौन तुम्हारे नुमाइंदे होंगे जो कांग्रेस, भाजपा और दूसरी पार्टी का नहीं होगा। बल्कि तुम्हारी ही दरमियान से तुम किसी एक भाई और बहन को कामयाब करोगे। वो जब नुमाइंदे तुम्हारें वोट से जीतकर असेम्बली जाएंगे तो उनकी ज़ुबानों पर न मोदी का नाम होगा और न कांग्रेस का बल्कि उनके ज़ुबानों पर इंसाफ का मुतालबा होगा। गुजरात के लोगों को हम यही पैगाम देने के लिए आये है। यही मकसद है कि आज हम छोटू भाई वसाना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए है।

मामू-भतीजा ने एक आदिवासी को चेयरमैन बनने से रोका

एमआईएम प्रमुख असद उददीन ओवैसी ने कहा कि आप लोग छोटू भाई वसाना की पार्टी का साथ दीजियेगा। मजलिस का साथ दीजियेगा। अभी हम गुजरात से शुरुआत करेंगे
अभी तो यह पहला कदम पड़ा है और दुश्मन कांपना शुरू कर दिया है। असद उददीन ओवैसी ने कहा कि अभी तो चलना शुरू नहीं हुआ और शियासी जगत में जलजला आना शुरू हो गया। असद उददीन ओवैसी ने कहा कि ये मामू भतीजा(कांग्रेस, भाजपा) नहीं चाहते थे कि राजस्थान में एक आदिवासी चेयरमैन बने। इनको यह बात न गवांरा गुजरी और आदिवासी परिवार के सदस्य को चेयरमैन बनने से रोक दिया।

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